भारत में ऑटोमोबाइल प्रदूषण पर निबंध हिन्दी में | Essay On The Automobile Pollution In India in Hindi

भारत में ऑटोमोबाइल प्रदूषण पर निबंध 400 से 500 शब्दों में | Essay On The Automobile Pollution In India in 400 to 500 words

कारें दुनिया में कुल मोटर वाहन वार्षिक उत्पादन का लगभग 87% हिस्सा बनाती हैं। 2008 में दुनिया में 52,940,559 यात्री कारों का उत्पादन हुआ था। 2000 में दुनिया में 41,215,653 यात्री कारों का उत्पादन हुआ था। एक व्यक्तिगत कार से उत्सर्जन आम तौर पर कम होता है।

हालांकि, सड़क पर लाखों वाहनों से होने वाला उत्सर्जन बढ़ जाता है, इसलिए देश भर के कई शहरों में निजी वाहन ही सबसे बड़ा प्रदूषक है। कारों से होने वाला प्रदूषण ईंधन दहन प्रक्रिया (निकास) के उप-उत्पादों और स्वयं ईंधन के वाष्पीकरण से आता है।

एक कार चलाए जाने से पहले उसके पूरे जीवन काल की तुलना में अधिक प्रदूषण का कारण बनती है। एक कार की पर्यावरणीय लागत नीचे दी गई है।

(i) कच्चा माल निकालना: अपशिष्ट = 26.5 टन

प्रदूषित हवा = 922 मीटर 3

(ii) कच्चे माल का परिवहन: समुद्र में कच्चा तेल = 12 लीटर

प्रदूषित हवा = 425 x 10 6 मीटर 3

(iii) कार का उत्पादन: अपशिष्ट = 1.5 टन

प्रदूषित हवा = 74 x 10 6 मीटर 3

(iv) कार चलाना: अपघर्षक अपशिष्ट = 18.4 किग्रा

प्रदूषित हवा = 1.016 x 10 9 मीटर 3

(v) कार का निपटान:

प्रदूषित हवा = 1.02 x 10 8 मीटर 3 कारों का सबसे बड़ा नुकसान वायु प्रदूषण है।

भारत में ऑटोमोबाइल प्रदूषण की समस्याओं के कारण:

ऑटोमोबाइल प्रदूषण के कुछ कारणों का सारांश नीचे दिया गया है:

(i) प्रभावी मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम और इंट्रा-सिटी रेलवे नेटवर्क का अभाव।

(ii) शहरी शहरों में मनुष्यों और वाहनों की उच्च जनसंख्या।

(iii) अनुचित यातायात प्रबंधन प्रणाली और सड़क की स्थिति।

(iv) अपर्याप्त निरीक्षण और रखरखाव सुविधाएं।

(v) ईंधन और ईंधन उत्पादों में मिलावट।

(vi) पुराने वाहनों (पुरानी घटिया तकनीक वाले) को अभी भी सड़कों पर चलने की अनुमति है।

(vii) दोषपूर्ण इंजन।

ऑटोमोबाइल प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी उपाय:

इन्हें नीचे संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है:

(i) प्रौद्योगिकी का उन्नयन (वाहनों के उत्पादन के लिए, ईंधन के दहन के लिए, शून्य उत्सर्जन आदि के लिए)

(ii) शहरी सड़कें, फ्लाई ओवर और मास ट्रांजिट सिस्टम प्रदान करना।

(iii) ईंधन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए।

(iv) पेट्रोल ईंधन वाले इंजन के लिए अनलेडेड पेट्रोल का उपयोग करना।

वाहन प्रदूषण को कम करने में मदद करने वाले तरीके:

(i) अनुशंसित समय पर तेल बदलें।

(ii) अच्छी गुणवत्ता वाले स्नेहक का प्रयोग करें।

(iii) स्पार्क-प्लग क्लीयरेंस का निरीक्षण करें और यदि आवश्यक हो तो इसे बदल दें।

(iv) उचित टायर दबाव बनाए रखें।

(v) कार्बोरेटर को धुन और गंदगी से मुक्त करें।

(vi) नियमित अंतराल पर वाहन का रखरखाव और सेवा करें।

(vii) अनुशंसित गति से ड्राइव करें।


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